बाल शिक्षा जागरुकता अभियान

by Sahityayan Trust

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Our story

'बाल शिक्षा जागरूकता अभियान' के तहत ट्रस्ट अबतक 4 पुस्तकालयों की स्थापना विभिन्न प्रदेशों में , सरकारी स्कूलों एवं अनाथ आश्रम में कर चुका है। हमारा लक्ष्य हर उस बच्चे-- उस बस्ती तक पुस्तक -पठन की शुरुआत एवं आदत का विकास करना है,जिन्हें किताबें मिल नहीं पातीं, जिससे हर बच्चा शिक्षा में रुचि ले और रंगीन चित्रात्मक पुस्तकों के माध्यम से उड़ान भर सके।

Who we are

साहित्यायन ट्रस्ट मूलत: निम्न आय वर्ग के, दलित ,उपेक्षित बस्ती के और दूर -दराज गाँवों में रह रहे बच्चों के भीतर पुस्तक के संस्कार विकसित करने का काम कर रहा है। इसके लिए, कथा-वाचन, कहानी बनाना, कहानी-कविता- निबंध , चित्रकला आदि पर कार्यशालाएँ , नाटक -मंचन के साथ ही अन्य कई प्रकार के आयोजन करता है। प्रतियोगिताओं एवं कार्यशालाओं में पुस्तक का उपहार दिया जाता है और ऐसी ही जगहों पर पुस्तकालयों की स्थापना करके उनमें पुस्तक के प्रति रुझान पैदा करने की कोशिश करता है।

Our work and its impact

हमारा उद्देश्य शिशु से लेकर युवावस्था में प्रवेश करते किशोर तक में पुस्तक के प्रति रुचि जगाना है और इस दिशा में रंगीन चित्रात्मक पुस्तकें सहायक सिद्ध होती हैं । देश के विभिन्न भूभागों में ,जहाँ रोचक पुस्तकें पहुँच नहीं पातीं, वहाँ कार्यशालाओं, प्रतियोगिताओं , कहानी-कविता,नाटक वाचन एवं अभिनय आदि कार्यक्रमों में उपहार- पुरस्कार के रूप में एवं बाल पुस्तकालयों की स्थापना द्वारा पुस्तकें पहुँचाई जाती हैं। देश के हर कोने में , हर बस्ती ,हर घर में पुस्तक पढ़ने की ललक पैदा की जा सके, इसका प्रयास जारी है। इसी क्रम में हमारी आगामी योजना इस वर्ष दो पुस्तकालयों एवं दो कार्यशालाओं के आयोजन की है। यह संख्या बढ़ भी सकती है। इससे कम से कम 200-300 बच्चे लाभान्वित होंगे।

How we will utilize these funds

इसी वर्ष, पुस्तकालय की हमारी आगामी योजना पंजाब के फ़रीदकोट के प्राथमिक विद्यालय में तथा दूसरा हरियाणा राज्य के फ़रीदाबाद में, माध्यमिक विद्यालय में पुस्तकालय स्थापना की है। साथ ही कुछ सरकारी स्कूलों में लगातार कार्यशाला के आयोजन की है।